LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिला अस्पताल में खुले में फेंका जा रहा जैविक कचरा, संक्रमण का खतरा बढ़ा — सफाई व्यवस्था ध्वस्त, सिविल सर्जन ने पल्ला झाड़ा, क्या स्वास्थ्य मंत्री.. लेंगे संज्ञान…?

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिला अस्पताल में खुले में फेंका जा रहा जैविक कचरा, संक्रमण का खतरा बढ़ा — सफाई व्यवस्था ध्वस्त, सिविल सर्जन ने पल्ला झाड़ा, क्या स्वास्थ्य मंत्री.. लेंगे संज्ञान…?

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का जिला अस्पताल इन दिनों स्वच्छता की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। सरकार द्वारा अस्पतालों की साफ-सफाई के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में इसका ज़मीनी असर दिखाई नहीं दे रहा।

ये खबर भी पढ़ें…
आरोपों से घिरे BPM की ‘शाही’ वापसी! बैंड-बाजे के साथ ज्वाइनिंग का वीडियो चर्चा में, स्वास्थ्य विभाग फिर सवालों के घेरे में, CMHO कैमरे के सामने सवालों से बचते नजर आए
आरोपों से घिरे BPM की ‘शाही’ वापसी! बैंड-बाजे के साथ ज्वाइनिंग का वीडियो चर्चा में, स्वास्थ्य विभाग फिर सवालों के घेरे में, CMHO कैमरे के सामने सवालों से बचते नजर आए
August 7, 2026
आरोपों से घिरे BPM की 'शाही' वापसी! बैंड-बाजे के साथ ज्वाइनिंग का वीडियो चर्चा में, स्वास्थ्य विभाग फिर सवालों के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

खुले में पड़ा बायोमेडिकल कचरा

ये खबर भी पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट का आदेश के पालन में TET परीक्षा आयोजित करे राज्य सरकार-राजेश चटर्जी  लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवार में भविष्य को लेकर उपजे चिंता का समाधान करे सरकार – आलोक शुक्ला
सुप्रीम कोर्ट का आदेश के पालन में TET परीक्षा आयोजित करे राज्य सरकार-राजेश चटर्जी लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवार में भविष्य को लेकर उपजे चिंता का समाधान करे सरकार – आलोक शुक्ला
August 7, 2026
सुप्रीम कोर्ट का आदेश के पालन में TET परीक्षा आयोजित करे राज्य सरकार-राजेश चटर्जी लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवार में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अस्पताल के पीछे जैविक (बायोमेडिकल) कचरे के ढेर खुले में पड़े हैं। इनमें इस्तेमाल की गई सुइयां, ग्लूकोज की बोतलें, रक्त सनी रुई, मरीजों के डायपर, गंदे कपड़े, एक्सपायरी दवाएं और मरीजों के इलाज के दौरान निकले संक्रमित पदार्थ शामिल हैं। इन कचरों से उठने वाली तेज दुर्गंध कई मीटर तक फैल रही है, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति अक्सर बनी रहती है। कई बार अस्पताल प्रबंधन, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को इसकी शिकायत की गई, लेकिन हालात जस के तस हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
300 क्विंटल राशन कहाँ गया? कोटा की राशन दुकान पर बड़ा घोटाले का आरोप, जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा
300 क्विंटल राशन कहाँ गया? कोटा की राशन दुकान पर बड़ा घोटाले का आरोप, जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा
August 7, 2026
300 क्विंटल राशन कहाँ गया? कोटा की राशन दुकान पर बड़ा घोटाले का आरोप, जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा कलेक्टर से...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नियमों की अनदेखी..?

बायोमेडिकल कचरे के निपटान के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सख्त नियम हैं। अस्पतालों को विशेष कंटेनरों और इन्सिनरेटर के जरिए इस कचरे को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना होता है, लेकिन यहां यह कचरा खुले में फेंक दिया जाता है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।

सिविल सर्जन का जवाब….?

जब इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र पैकरा से बात की गई, तो उन्होंने कहा — “इसकी जानकारी राज्य को भी है”, और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “क्या राज्य में बैठे कर्मचारी यहां आकर सफाई करेंगे?” यह बयान अधिकारियों की लापरवाही को और उजागर करता है।

संक्रमण का खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, बायोमेडिकल कचरा खतरनाक गैसें छोड़ता है और इससे गंभीर संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। खुले में पड़े इन कचरों से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

मंत्री का दौरा — क्या होगा संज्ञान..?

इसी बीच, आज जिले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का दौरा प्रस्तावित है। लोगों की नजरें अब मंत्री पर टिकी हैं कि क्या वे इस लापरवाही का संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा…?

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।

Back to top button
error: Content is protected !!